हनुमानचलिसा पठन

हनुमानचलिसा पठन

हरि ॐ

सभी श्रद्धावानों के लिए एक खुशख़बर है - हर साल श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌ में होनेवाला हनुमानचलिसा पठन इस साल शुक्रवार, दि. ११ जून से गुरुवार, दि. १७ जून २०२१ इन ७ दिनों में संपन्न होनेवाला है। लेकिन पिछले साल की तरह ही, इस साल भी गुरुक्षेत्रम्‌ में प्रत्यक्ष पठन करना संभव नहीं होगा, इस असुविधा को मद्देनज़र रखते हुए, पिछले कुछ सालों के रेकॉर्डिंग का इस्तेमाल करके, अनिरुद्ध टी.व्ही., फेसबुक पेज, यु. ट्युब. के माध्यम से; साथ ही, ’अनिरुद्ध भजन म्युझिक रेडिओ’ के ज़रिये (ऑडिओ स्वरूप में) श्रद्धावानों के लिए इस पठन का लाभ उठाने की सुविधा प्रदान की गई है।

इस पठन में हर एक श्रद्धावान अपने अपने घर बैठकर एक दिन के लिए अथवा यदि वह चाहे तो एक से अधिक दिनों के लिए भी जपक के रूप में शामिल हो सकता है। लेकिन हमेशा की पद्धति की तरह, हर दिन इस पठन में "A" और "B" ऐसे दो बॅचेस होंगे और उस उस दिन के पठन में हर एक श्रद्धावान जपक, दो में से एक ही बॅच में नाम दर्ज़ कर सकेगा।

पठन का टाईमटेबल इस प्रकार होगा -

 

 "A" बॅच"B" बॅचआवर्तनदोनों बॅचेस के श्रद्धावानों के लिए एक-एक घंटे का आवर्तन होगा और दिनभर में उन्हें कुल  छ: बार आवर्तन के लिए बैठना होगा। जब "A" बॅच का आवर्तन शुरू होगा, तब "B" बॅच के श्रद्धावान विश्राम कर सकेंगे। उसी प्रकार, जब "B" बॅच का आवर्तन शुरू होगा, तब "A" बॅच के श्रद्धावान विश्राम कर सकेंगे।
 सुबह ८.०० - ८.१५ दोनों बॅचेस एकसाथ
८.१५ - ९.००९.०० - १०.००८ + ११
१०.०० - ११.००११.०० - १२.००११ + ११
१२.०० - १.००१.०० - २.००११ + ११
२.०० - ३.००३.०० - ४.००११ + ११
४.०० - ५.००५.०० - ६.००११ + ११
६.०० - ७.००७.०० -  ८.००११ + ११
 शाम. ८.०० - ८.१५ दोनों बॅचेस एकसाथ

इस पठन में सहभागी होने के लिए नाम दर्ज़ करने हेतु, श्रद्धावान आज ही से, यानी गुरुवार, दि. २७ मई २०२१ से, नीचे दिये गए वेबसाइट लिंक पर क्लिक करके अपने नाम दर्ज़ कर सकते हैं।

नाम दर्ज़ करने के लिए वेबसाइट लिंक – bit.ly/hanumanchalisa21

 

साथ ही, यदि किसी श्रद्धावान को पूरे दिन के लिए जपक के रूप में सहभागी होना मुमक़िन ना हों, तो वह पठन के इन सात दिनों में, दिन भर में किसी भी समय उसकी सहूलियत के अनुसार पठन में सहभाग ले सकता है।

 

जपकों के लिए खाने के किसी परहेज़ का अथवा ड्रेस कोड का कोई बंधन नहीं होगा, इसपर सभी श्रद्धावान ग़ौर करें। लेकिन मांसाहार सेवन ना करें, तो श्रेयस्कर होगा।

 

सद्‍गुरु अनिरुद्धजी के कृपाशीर्वाद से प्राप्त इस स्वर्णिम अवसर का अधिक से अधिक श्रद्धावान अवश्य लाभ उठायें।

 

हरि ॐ श्रीराम अंबज्ञ

नाथसंविध्‌

 

- समीरसिंह दत्तोपाध्ये

गुरुवार, दि. २७ मई २०२१

 

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